Wednesday, 9 November 2011

पर्यावरण दिवस - 5 जून

पर्यावरण दिवस - 5 जून- हर वर्ष  हमने मनाया,
कभी जल निधि को दी आवाज ............!
कभी कटे जंगलो -पेड़ों  की कमी को आधार बनाया........!
तरह -तरह के गीत गा कर -धरती माँ के जख्मों को सहलाया ............!
पेड़ काटने फिर भी न छोड़े..........,

पानी भी जी भर कर फैलाया........,
जनता जनार्दन रही बढ़ती हर पल........,
इंसानी जरूरतों का हल - प्राणी फिर भी कर न पाया !
सभी धर्मो के देवता हुए हतप्रभ ,
प्राणी जगत पर्यावरण  की वेदना  - फिर भी समझ न पाया,
 जब -जब  धरती ने कर्वट बदली ........,
और सुनामी सा रूप अपना दिखाया , 
पर्यावरण बचाओ ............पर्यावरण बचाओ............

चिल्लाया  फिर प्राणी ..........,
पर यह नशा फिर रहा कुछ दिन ही सीमित............
फिर वर्ष बीता...........नया वर्ष आया 
पर्यावरण  दिवस - 5 जून फिर  हमने मनाया,
............................फिर  हमने मनाया!



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