ओजोन परत की ओट
से झाँकता सूरज हर दिन हर पल !
उभरता सूरज सुबह छितिज़ से ,
डूबता सूरज दूर छितिज़ में,
सुबह की लालिमा बिखेरता सूरज,
ऊर्जा की भेंट दे कर,
शाम की लालिमा में लुप्त होता सूरज !
हँस-हँस के ग्रहणों से जूझता सूरज ,
चाँद सितारों को प्रकाश ऊर्जा प्रदित करता सूरज ,
धरती पर बढ़ती इंसानी घृणा को झेलता सूरज ,
अपनी बढती तपिश का अहसास कराता सूरज !
धरती के हालात पर करुणा प्रकट करता सूरज
भटके हुए प्राणी जगत को राह दिखाता सूरज,
मुहब्बत की तपिश से पिघलता सूरज ,
ओजोन परत की ओट से झाँकता सूरज ,
ओजोन छिद्र की महिमा का अहसास कराता सूरज ,
21वीं सदी में प्राणी जगत को राह दिखाता सूरज
चेतनहीन मनुष्य की चेतना जगाता सूरज
ओजोन परत की ओट से झाँकता सूरज
प्राणी जगत का रखवाला सूरज !
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