Friday, 4 November 2011

धरती धर्म निभाये..........

आओ धरती  धर्म  निभाये ,
शहर आगरा के वातावरण  को सुंदर  स्वच्छ  बनाये
घनी छाया हो नीम की अपनी -मिले गुलमोहर की लाली
अमलतास लाये बसंत सी आभा -मन निर्मल हो जाये ,
आओ हम सब मिल जुल कर धरती धर्म निभायें 
  आओ पेड़ लगाये ...........आओ पेड़ लगाये !  
वर्षा के पानी का करें संचय हम सब ,
कूड़ा कचरा न फैलाएं  हम सब,
 शहर हमारा -पार्क उद्यान हमारे -लगे सुहाने ,
हर प्राणी -हर नागरिक फिर बने इनके दीवाने,
दूर देश से आने वाला ,बार -बार फिर आये ,
शहर आगरा का गुणगान  करें हर कोई
जो भी यहाँ से जाये ............
आओ हम सब मिल जुल कर धरती धर्म  निभायें
 नया युग है नया सपना ,
हर घर है अब बाग सा अपना ,
पूरा हो इसके उपचार का सपना ,
हर नागरिक फिर सजग हो अपना ,
आओ मिल सब गायें...........
आओ धरती  धर्म  निभायें ...........
शहर आगरा के वातावरण  को सुंदर  स्वच्छ  बनायें !  
        
                                          

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