आओ धरती धर्म निभाये ,
शहर आगरा के वातावरण को सुंदर स्वच्छ बनाये
घनी छाया हो नीम की अपनी -मिले गुलमोहर की लाली
अमलतास लाये बसंत सी आभा -मन निर्मल हो जाये ,
शहर आगरा के वातावरण को सुंदर स्वच्छ बनाये
घनी छाया हो नीम की अपनी -मिले गुलमोहर की लाली
अमलतास लाये बसंत सी आभा -मन निर्मल हो जाये ,
आओ हम सब मिल जुल कर धरती धर्म निभायें
आओ पेड़ लगाये ...........आओ पेड़ लगाये ! वर्षा के पानी का करें संचय हम सब ,
कूड़ा कचरा न फैलाएं हम सब,
शहर हमारा -पार्क उद्यान हमारे -लगे सुहाने ,
हर प्राणी -हर नागरिक फिर बने इनके दीवाने,
दूर देश से आने वाला ,बार -बार फिर आये ,
शहर आगरा का गुणगान करें हर कोई
जो भी यहाँ से जाये ............
आओ हम सब मिल जुल कर धरती धर्म निभायें
नया युग है नया सपना ,
हर घर है अब बाग सा अपना ,
पूरा हो इसके उपचार का सपना ,
हर नागरिक फिर सजग हो अपना ,
आओ मिल सब गायें...........
आओ धरती धर्म निभायें ...........
शहर आगरा के वातावरण को सुंदर स्वच्छ बनायें !
कूड़ा कचरा न फैलाएं हम सब,
शहर हमारा -पार्क उद्यान हमारे -लगे सुहाने ,
हर प्राणी -हर नागरिक फिर बने इनके दीवाने,
दूर देश से आने वाला ,बार -बार फिर आये ,
शहर आगरा का गुणगान करें हर कोई
जो भी यहाँ से जाये ............
आओ हम सब मिल जुल कर धरती धर्म निभायें
नया युग है नया सपना ,
हर घर है अब बाग सा अपना ,
पूरा हो इसके उपचार का सपना ,
हर नागरिक फिर सजग हो अपना ,
आओ मिल सब गायें...........
आओ धरती धर्म निभायें ...........
शहर आगरा के वातावरण को सुंदर स्वच्छ बनायें !
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