Thursday, 10 November 2011

और फिर यादों का सफर बाकी है.......

यादें  जो फिर लौट आई  है सताने को ,
यादें  जो फिर अहसास करायेगी तन्हाई का ,             
यादें जो फिर साथ चलेंगी हम सफर बनकर ,
यादें जो फिर दिल को दामन थाम लेंगी हर कदम पर,
यादें जो फिर जलाएँगी मुहब्बत की शमा ,
यादें जो फिर याद करेंगी ,तुझको हर करवट ,हर पल         
यादें जो फिर दिल का सुंकू ले जाएँगी ,
यादें जो फिर दिल को बहलायेंगी तन्हाई में,


हाय वा तेरे लौट के आने का अहसास ,
फिर तुझे छू के आएगा एक हवा का झोंका,
और फिर ख जायेगा अनकही बाते तन्हाई में
वो तेरी यादें जो ले जाएँगी  दूर बहुत दूर

तुझको अहसास हो कि न हो चाहत का फिर भी 
हम तेरी यादों में दूर ,बहुत दूर चले जायेंगे ,
और फिर यादों के सफर से उभर ना पाएंगे ,
लौट कर फुरसत में लौट-लौट आएँगी,
और फिर इक और यादों का सफर बाकी है........!  
  


                    

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