Monday, 19 December 2011

होलिका बहन बोले होली मनाओ...............

होलिका बहन बोले होली मनाओ
नफरत भूलो प्रेम जगाओ
हिरन रूपी मानव में छुपे राचस को भगाओ-
हिरन रूपी मानव को चाहिए जंगल पेड़ की छावं
जैसे हिरन ,वन्य प्राणी चाहे शीतल जल ,जंगल पेड़ों की छाव.........



आओ सब मिल -कर इन्हें बचाए
आओ सब मिल -जुल कर करें ........
तितलियों ......चिड़ियों.......वन्य प्राणियों का संग साथ
होलिका बहन बोले,हिरन भईया वन्य प्राणी जो चाहें,दिलाओ
होलिका बहन बोले पेड़ लगाओ ........ना हरे पेड़ कटवाओ
होलिका बहन बोले नफरत भूलो प्रेम जगाओ
होली के पावन पर्व का मतलब ना भूलो
ये क्या कर रहे हो ........पेड़ों का क्यों कर खून बहाओ
सब का भला सोचो पेड़ लगाओ ......जंगल बचाओ ,                                  
                                                       
                                                    मानवता की अलख जगाओ !                  
  

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