दिल्ली लोग कहे दिलवाली
मैं न मानू......न माने घरवाली.....
दिल्ली में अब वो बात कहाँ है ....,
अजब गजब सा शोर यहाँ है.....,
यहाँ वहाँ इक दौड़ निराली .....,
भागे आगे घरवाला .....,
भागे पीछे घरवाली.....,
दिल्ली लोग कहें दिलवाली
मैं न मानू .....न माने घरवाली
दिल्ली की हर बात निराली
सुबह शाम और रात निराली
भीड़ अजब ....रफ्तार निराली
खोये से सपनों को सजोये बैठी ....घरवाली
घरवाला दुढ़े सपनों संग ....बाहरवाली
सुबह किरण दे आस की ......लाली
शाम का सूरज चलें चांदनी संग
चांदनी रात दुढ़े,सुबह की लाली
दिल्ली लोग कहें दिलवाली
मैं न मानू... न माने बाहरवाली
दिल्ली.....दिल्ली.....दिल्ली
सपने बेचती दिल्ली देखी.....,
अपने बेचती दिल्ली देखी .....भूले भटके....आये जाएँ
कुछ समझे ...कुछ समझ न पाए...,हाथ री दिल्ली......
ओह री ...दिल्ली ...दिल्ली ...दिल्ली ....दिल्ली !
मैं न मानू......न माने घरवाली.....
दिल्ली में अब वो बात कहाँ है ....,
अजब गजब सा शोर यहाँ है.....,
यहाँ वहाँ इक दौड़ निराली .....,
भागे आगे घरवाला .....,
भागे पीछे घरवाली.....,
दिल्ली लोग कहें दिलवाली
मैं न मानू .....न माने घरवाली
दिल्ली की हर बात निराली
सुबह शाम और रात निराली
भीड़ अजब ....रफ्तार निराली
खोये से सपनों को सजोये बैठी ....घरवाली
घरवाला दुढ़े सपनों संग ....बाहरवाली
सुबह किरण दे आस की ......लाली
शाम का सूरज चलें चांदनी संग
चांदनी रात दुढ़े,सुबह की लाली
दिल्ली लोग कहें दिलवाली
मैं न मानू... न माने बाहरवाली
दिल्ली.....दिल्ली.....दिल्ली
सपने बेचती दिल्ली देखी.....,
अपने बेचती दिल्ली देखी .....भूले भटके....आये जाएँ
कुछ समझे ...कुछ समझ न पाए...,हाथ री दिल्ली......
ओह री ...दिल्ली ...दिल्ली ...दिल्ली ....दिल्ली !
Wah re dilli....
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