Tuesday, 20 December 2011

कूड़े वाली लड़की

 कूड़े वाली लड़की
सुबह सवेरें  आती .....आवाज़ लगाती ............
अंटी कूड़ा दे दो ........................अंटी कूड़ा दे दो .................
यूं आवाज़ लगाती ...............सोये से लोगो को जगाती
                                           कूड़े वाली लड़की

कूड़े वाली लड़की ,
एहसास कराती बढ़ते कूड़े के ढेर का
एहसास कराती बढ़ते इंसानी हेर -फेर का,
उपहास उड़ाती नियोजित पारिवारिक योजनाओ का ,
उपहास उड़ाती शिछा नीति की योजनाओ का ,

उधर अंटी प्रकट होती कहती कहाँ हैं लड़की ...........
फिर प्लास्टिक क कूड़े से भरी थैली फेक कर ......
                                          घर में घुस जाती ........          

अंटी कूड़ा दे दो ........अंटी कूड़ा दे दो की पुकार लगाती                            
कूड़े वाली लड़की फिर आगे बढ़ जाती .....!
१४ नवंबर बाल दिवस मनाने हंसती हुई चली जाती
कूड़े वाली लड़की .............!
     

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